बिहार बोर्ड में 90 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों का नामांकन पटना के निजी स्कूल में होगा निःशुल्क .- निदेशक

पटना (बिहार) kovid -19 वैश्विक महामारी के बीच विधार्थियों को काफी परेशनियों का समाना करना पड़ रहा है इसी बीच डॉ० डी० वाई० पाटिल इन्टरनेशनल स्कूल पटना द्वारा छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए  बिहार बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त कर उतीर्ण करने  वाले 40 मेधावी विद्यार्थियों  का  नामांकन निःशुल्क करने की घोषणा स्कूल प्रबंधक द्वारा आज सवांददाता सम्मेलन में किया . वहीं दूसरी तरफ संवाददाता सम्मेलन के दौरान डॉ0  डी० वाई० पाटिल इन्टरनेशनल स्कूल के निदेशक रामानुज प्रसाद ने  कहा की इस वैश्विक महामारी के कारण छात्रों को काफी परेशनियों का समाना करना पड़ रहा है ऐसे में मेधावी छात्रों को भी स्कूल प्रबन्धक के तरफ से  छात्रवृति देने की घोषणा की गई है.

वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कहा की इस दुखद घड़ी में  मेधावी छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में  किसी प्रकार का परेशानी न हो इसके लिए भी स्कूल प्रबन्धक ने इस वर्ष बिहार बोर्ड में 80 व् 85  प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र – छात्राओं के नामांकन में 50 प्रतिशत की छुट देने की उद्घोषणा की गई है, बताते चले की 80 प्रतिशत  अंक लाने वाले छात्राओं को नामाकंन में 50 प्रतिशत की छुट दी जाएगी तो वही 85 प्रतिशत अंक छात्रों के लेन  पर 50 प्रतिशत की छुट दी जाएगी , साथ ही एन टी एस ई प्रतियोगिता 2020 में उतीर्ण विद्यालय के दो छात्रों रितेश चंद्र वर्मा और प्रंजल कुमार रंजन को सम्मानित किया गया.

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वहीं विद्यालय के अध्यक्ष प्रेम रंजन कुमार ने कहा की आर्थिक तंगी  से जूझ रहे विद्यार्थियों के हित में ध्यान रखते हुए विद्यालय ने यह कदम उठाया है वहीं उन्होंने कहा की हमारा विद्यालय कोई व्यवसाय नही करता अपितु समाजिक दायित्वों की आधारशिला है. जिसके हर सोपान पर हम शिक्षार्थियों को सन्मार्ग की ओर अग्रसर करते है .वर्तमान समय में कोविड -19 देश में शिक्षा जगत की सबसे बड़ी बाधा है..

वहीं इस प्रेस कॉन्फ्रेंस  के दौरान नवचयनित प्रधानाचार्या श्रीमती  जय श्री अशोकन के नाम की घोषणा की अध्यक्ष प्रेम रंजन कुमार ने उनका सहृदय स्वागत किया .

बताया जाता है की पिछले लगातार तीन वर्षों से एजुकेशन वर्ल्ड सर्वे के आंकड़ों के आधार पर यह विद्यालय बिहार के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में आठवें स्थान पर है. यहाँ अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विखाय्त प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा एवं समग्र व्यक्तिगत विकास की समुचित व्यवस्था है.जहाँ सैधांतिक शिक्षण के साथ प्रायोगिक शिक्षण पर बल दिया जाता है ताकि बच्चों में प्रायोगिक गुणों का विकास हो जिससे की उनके उज्जवल भविष्य के निर्माण में सहायक हो सके.

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विद्यालय के उपाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह व् निदेशक रामानुज प्रसाद समेत शिक्षक गण उपस्थित थे.

 

 

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